img 4960.jpg

भंते विनाचार्य और बोधगया महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन

बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार केवल एक धार्मिक स्थल नहीं,
बल्कि विश्व भर के बौद्धों की आस्था और अधिकारों का केंद्र है।

आज इसी महाबोधि महाविहार को लेकर एक ऐतिहासिक आंदोलन चल रहा है,
जिसका नेतृत्व कर रहे हैं — भंते विनाचार्य।

भंते विनाचार्य का स्पष्ट कहना है कि
महाबोधि महाविहार पर बौद्धों का पूरा अधिकार होना चाहिए,
क्योंकि यह स्थान भगवान बुद्ध की ज्ञान-भूमि है।

ब्रिटिश काल में बनाए गए बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 के कारण
आज भी बौद्ध समाज को अपने ही तीर्थ स्थल पर पूर्ण अधिकार नहीं मिला है।
इसी अन्याय के खिलाफ यह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और बौद्ध आंदोलन खड़ा हुआ है।

देश-विदेश के बौद्ध अनुयायी,
दलित-बहुजन संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता
इस आंदोलन के समर्थन में आगे आ रहे हैं।

यह आंदोलन केवल मंदिर प्रबंधन का नहीं,
बल्कि बौद्ध अस्मिता, इतिहास और आत्म-सम्मान का प्रश्न है।

बोधगया से उठी यह आवाज़
अब पूरे देश में गूंज रही है।

हम इस आंदोलन से जुड़ी हर ताज़ा खबर,
सही जानकारी और ज़मीनी सच्चाई
आप तक लगातार पहुँचाते रहेंगे।

✊ जय भीम
☸️ बुद्धं शरणं गच्छामि